जेल में बंद आलमगीर आलम ने दिया इस्तीफा: मंत्री पद के साथ कांग्रेस विधायक दल का पद भी जारी, आज हो सकता है जारी नोटिफिकेशन – रांची समाचार

जेल में बंद आलमगीर आलम ने दिया इस्तीफा: मंत्री पद के साथ कांग्रेस विधायक दल का पद भी जारी, आज हो सकता है जारी नोटिफिकेशन - रांची समाचार
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आलमगीर आलम कैश कांड मामले में जेल में बंद हैं। वह मंत्रीपद और कांग्रेस विधायक दल के नेता पद सेरेस दे दिया गया है।

कैश कांड मामले में जेल में बंद आलमगीर आलम ने आखिरकार हार मान ली है। उन्होंने मंत्री पद के साथ कांग्रेस विधायक दल का पद भी छोड़ दिया है। इस बात की सूचना उन्होंने राजभवन को दी है।

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वहीं जेल नियमों के तहत उन्होंने मुख्यमंत्री को पद से इस्तीफा पत्र के माध्यम से भेजा है। राजभवन सूत्र बता रहे हैं कि राज्यपाल ने उनकी इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है। आज कोई भी वक्त नोटिफिकेशन जारी हो सकता है।

ग्रामीण विकास विभाग सीएम चंपाई सोरेन के पास है।

कांग्रेस विधायक दल का पद भी खुला
आलमगीर आलम ने न केवल मंत्री पर इस्तीफा दिया है बल्कि कांग्रेस विधायक दल का पद भी छोड़ दिया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता होने के रिश्तेदार वह अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को भी भेजा है।

बता दें कि उनकी गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद से ग्रामीण विकास विभाग का काम ठप पड़ गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने तीन दिन पहले अपना विभाग अपने पास ले लिया था।
मंत्रालय में बचे केवल 10 मिनिट
आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद से अब चंपाई सोरेन मंत्रिमण्डल में 10 मंत्री ही बचे हैं। सरकार के अब तक कांग्रेस कोटे से चार, विपक्ष से एक और विपक्ष से पांच मंत्री थे। जिसमें से कांग्रेस कोटे से आलमगीर आलम नेरेज़ दे दिया है। सरकार में नियमानुसार 12 मंत्री हो सकते हैं। पर अब तक 12वें मंत्री का पद किसी को नहीं दिया गया है। इस तरह से राज्य मंत्रिमंडल में दो पद रिक्त हैं।

आलमगीर आलम के पीएस के पास रुपए बरामद हुए थे।  जिसके बाद ईडी ने उनसे पूछताछ की और फिर गिरफ्तार किया

आलमगीर आलम के पीएस के पास रुपए बरामद हुए थे। जिसके बाद ईडी ने उनसे पूछताछ की और फिर गिरफ्तार किया

पीएस के पास मिले थे कैश
बता दें कि ईडी ने 6 मई को मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल और उससे जुड़े लोगों के पनीर पर लाल मारी थी। इसमें 32 करोड़ 20 लाख रुपये कैश की वसूली हुई थी।
पूछताछ के दौरान इस मामले में मंत्री पीएस संजीव कुमार लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम को 6 मई की देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इन दोनों को 14 दिनों तक रिमांड पर रखा गया है और दोनों को पिछले मंगलवार को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

ईडी ने पूछताछ के बाद आलमगीर को 15 मई को गिरफ्तार किया था।

ईडी ने पूछताछ के बाद आलमगीर को 15 मई को गिरफ्तार किया था।

15 मई को गिरफ्तार हुए थे मंत्री
इस मामले में 15 मई की शाम को मंत्री आलमगीर आलम को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले उनसे 14 और 15 मई को कुल मिलाकर करीब 14 घंटे पूछताछ की गई थी। बाद में उन्हें ईडी ने कोर्ट में पेश किया। जहां ईडी ने कोर्ट को बताया कि ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर कमीशन घोटाले में इंजीनियर, अधिकारी व मंत्री का एक संगठित गिरोह सक्रिय था।

ईडी ने नमूने के तौर पर जनवरी महीने में 92 करोड़ के 25 टेंडर के ब्यौरे से संबंधित एक पेपर भी कोर्ट में जमा किया है, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि मंत्री आलमगीर आलम ने सभी 25 टेंडर में कमीशन के तौर पर 1.23 करोड़ रुपये लिए थे।

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